Monday, August 23, 2010

एक उम्मीद

मेरा देश होते जा रहा है लंगड़ा ,
और कानून नहीं हो रहा खड़ा !
कौन करना चाहता है इसका बटवारा,
और यहाँ सब बनते जा रहे है आवारा!
जो मन में आता है वो करते है,
इनके चक्कर  मैं ना जाने इतने लोग मरते है!
मेरा देश होते जा रहा है बेचारा,
और किसी के पास नहीं है कोई चारा!
कब बुझेगी आतंकवाद और अन्याय की यह आग,
उस दिन लिखूंगी एक नया राग !
अब दुसरो पर निर्भेर रहना छोड़ना होगा ,
और युवाओ  को ही इस देश को प्रगति की ओर मोड़ना
होगा!
                                    - :  प्रतिभा

जायका चांदनी चौक के पराँठो का


चांदनी चौक का नाम आते ही सबसे पहले हमारी जबान पर यहाँ के पकवानों का स्वाद  ज़रूर आता है और नहीं आता तो  जाइये  और  लिजिए यहाँ के पकवानों के जायके .....ऐसा ही एक जयका है पराँठे वाली गली के पराँठो का, जिसका जायका लेने दिल्ली  ही नहीं दुनिया भर से  लोग बड़ी मात्रा में आते है ! यहाँ न जाने कितने ही प्रकार के पराँठे मिलते है जैसे प्याज़ ,काजू ,बादाम,मटर ,पनीर ,आलू ,नमकीन ,पापड़,रबड़ी और तो और करेले के पराँठे भी यहाँ बहुत मशहुर है! यहाँ  एक पराँठे की कीमत १० रूपए के लेकर ५० रूपए तक जाती है लेकिन आपको पराँठे के साथ इमली की चटनी, पुदीना की चटनी, मिश्रित सब्जी अचार, एक पनीर और आलू के एक पक्ष के साथ करी, आलू और मेथी करी, तथा  कद्दू मिठाई बिलकुल मुफ्त मिलेगी ! तो देर किस बात की जाइये और लुफ्त उठाईये पराँठे वाली गली के पराँठो का !

Sunday, August 22, 2010

सड़क उर्फ़ तालाब.....


ये है अरबिंदो मार्ग ,जो सफ़दरजंग के मकबरे से क़ुतुब मीनार तक जाती है ! लेकिन हर बारिश के बाद इस सड़क का नज़ारा कुछ और ही होता है , जहा तक नज़र जाए  वंहा  तक सिर्फ पानी ही दिखता है  या कह सकते है की यह तालाब में तब्दील हो जाता है ....!यह समस्या कल या आज की नहीं है यह दृश्य तो हर साल देखने को मिलता है और तो और मीडिया की सुर्खियों में भी हर साल इसका ज़िक्र ज़रूर होता है लेकिन फिर भी इस पर सरकार द्वारा कोई करवाई नहीं की जाती !

खस्ताहाल सड़क पर चलना हुआ दूभर


दिल्ली के मशहूर सरोजनी नगर मार्केट में आज कल यही नज़ारा दिख रहा है हर तरफ गढ़े,कीचड़ और खुली हुई बिजली की तारे. बारिश होने के कारण इसकी हालत पूरी तरह खस्ता हो गयी है और लोगो का इस पर चलना  दूभर... दो-तीन दिन बाद रक्षाबंधन ( त्यौहार ) होने के कारण यहाँ पाँव रखने की जगह भी नहीं है लेकिन फिर भी इन सड़को पर लोगो को  मजबूरन चलना  पड़ रहा है ....

Saturday, August 21, 2010

ए भाई ज़रा देख के चलो ...................

ए  भाई ज़रा देख  के चलो
आगे ही नहीं पीछे भी
दायें ही नहीं बायें भी
ऊपर ही नहीं नीचे भी  
यह तस्वीर है IIT campus के बाहर स्थित फूटपाथ की ,जिसकी हालत एक साल से ऐसी ही देखने को मिल रही है .यहाँ  हर ४ कदम पर एक गढ़ा ज़रूर मिल जाएगा और तो और इस पर चलना खतरे से खाली नहीं है क्योंकि आप एक कदम इस फूटपाथ पर रखिये और सीधे  गटर में प्रवेश किजिये .....

टिप टिप बरसा पानी

किसी के लिए मुसीबत तो किसी के लिए मज़ा .....बरसात का मौसम लाया लोट्स ऑफ़ मज़ा या  सजा?