Wednesday, October 20, 2010

कब सुधरेंगे ये पाकिस्तानी

वैसे तो मुझे भारत और पाकिस्तान के संबंधों में कई बातें समझ में नहीं आती, लेकिन यह बात बिल्कुल समझ में नहीं आती कि अचानक बैठे बिठाए बात प्यार, मुहब्बत और शांति से शुरु होते होते गाली-गलौज में कैसे बदल जाती है.कभी कभी तो मेरी समझ से बाहर हो जाता है कि हमारे देश को क्या हो जाता है .माफ़ किजिएगा इस देश को चलने वाले नेताओ को .जब देखो शरीफ  बनने का ढोंग करते रहते है कभी पाकिस्तान के लिए इतना प्यार उमड़ जाता है कि जिसकी  कोई सीमा नहीं वही पाकिस्तान पीठ में छुरा घोपने से बाज़ नहीं आता . वैसे आज मेरे एक मित्र के पास एक साईट पर फ्रेंड रिकुएस्त  आई जिसे देख कर ऐसा लगा जैसे इन पाकिस्तानी बेशर्मो का कुछ नहीं हो सकता किसी ने सही कहा है लातो के भुत बातो से नहीं मानते .

भारत- हम पाकिस्तान में लोकतंत्र की स्थिरता चाहते हैं. एक मज़बूत पाकिस्तान भारत सहित पूरे दक्षिण एशिया के हित में है.
पाकिस्तान- हम भारत के साथ समग्र बातचीत का स्वागत करते हैं. दोनों देशों का नेतृत्व धीरे-धीरे सभी समस्याएं शांति प्रक्रिया के ज़रिए हल करने की क्षमता रखता है.
भारत- हम चाहते हैं कि दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़े और वीज़ा नियमों में नरमी हो.
पाकिस्तान- यदि नियंत्रण रेखा की दोनों ओर से व्यापार और लोगों की अवाजाही में आसानी हो तो धीरे-धीरे सीमाएँ बे-मानी होती जली चाएँगी.
भारत- दोनों देशों के बीच शांति प्रक्रिया अब पीछे नहीं जा सकती, लेकिन पाकिस्तान को सबसे पहले अपने यहाँ आतंकवाद के ख़िलाफ ठोस क़दम उठाने होंगे.
पाकिस्तान- दक्षिण एशिया को भारत और पाकिस्तान शांति का केंद्र बना सकते हैं, लेकिन भारत को बलोचिस्तान में हस्तक्षेप बंद करना होगा.
भारत- जब तक पाकिस्तान आतंकवाद का अड्डा बना रहेगा, बातचीत का कोई फ़ायदा नहीं.
पाकिस्तान- भारत को आरोप-प्रत्यारोप से पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए और इलाक़े में दादा बनने का शौक़ अपने मन से निकाल देना चाहिए.
भारत- अगर चीन और पाकिस्तान से एक ही समय पर युद्ध होता है तो भारत दोनों का एक साथ मुक़ाबला करने की क्षमता रखता है.
पाकिस्तान- जनरल दीपक कपूर को अच्छी तरह पता है कि पाकिस्तान क्या कर सकता है और भारतीय सेना कितने पानी में है.
भारत- अब तक सीमा पार से आतंकवाद हो रहा है. अमेरिका और अन्य शक्तियाँ पाकिस्तान को समझाएँ कि वह आग से न खेले.
पाकिस्तान- जिस प्रकार से हम ने पाकिस्तान हासिल किया है उसी प्रकार से कशमीर भी हासिल करेंगे. चाहे हज़ार साल तक युद्ध क्यों न करना पड़े.
भारत- क्या पाकिस्तान भूल गया कि सन् 71 में क्या हुआ था. क्या उसे दोबारा याद दिलाना पड़ेगा.
पाकिस्तान- हमारी ओर जो भी मैली आँख से देखेगा वह आँख निकाल दी जाएगी.
भारत- पाकिस्तान अपने क़द से बड़ी बात करने से पहले अपने घर की आग तो बुझाले.
पाकिस्तान- अबे तेरी तो....
भारत- अबे तेरी ऐसी की तैसी.....
(यदि भारत और पाकिस्तान किसी अच्छे मनोचिकित्सक से संपर्क करने पर तैयार हो जाएँ तो इलाज के पैसे मैं अपनी जेब से देने को तैयार हूँ.)

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