Friday, October 15, 2010

यौन शोषण के शिकार होते बच्चे

कल पूरे दिन हर न्यूज़ चैनल में एक ही खबर छाई थी कि दिल्ली में  कैसे एक व्यक्ति ७ महीनो से तीन बच्चो को अपनी हवस का शिकार बना रहा था  और माता पिता को पता भी नहीं चला वैसे ये कोई नयी खबर नहीं है क्योंकि आज हर दूसरा बच्चा अपनों का ही शिकार बन रहा है ! वैसे देखा जाए तो  देश में अगर किसी बच्चे के साथ यौन शोषण होता है तो उसके लिए अलग से कोई कानून नहीं है। एक वयस्क के साथ होने वाले यौन शोषण मामले में जो कानूनी प्रावधान है वही प्रावधान बच्चों के यौन शोषण के मामले में भी है। जबकि सरकार को भी ये अच्छी तरह पता है कि भारत में हर दूसरा बच्चा यौन शोषण का शिकार होता है।
बच्चों के यौन शोषण को रोकने के लिए तीन साल पहले ऑफेंसेज अगेंस्ट चाइल्ड बिल तैयार कर दिया गया है लेकिन ये बिल तीन साल से ठंडे बस्ते में पड़ा है। जबकि सरकार के अपने ही आंकड़ों के मुताबिक देश भर में पांच साल से ज्यादा उम्र के 53 फीसदी बच्चे किसी न किसी तौर पर यौन शोषण के शिकार होते हैं लेकिन शर्म कि बात तो यह है कि सरकार  सब जानने के बाद भी कोई सख्त कदम नहीं उठाती वैसे सरकार पर निर्भेर रहने से अच्छा माता पिता को ही अपने बच्चो की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए !

2 comments:

  1. haaan main bhi kai aise ladies ko apne aas paas jaanti hoon jo bacchon ko khelne doosero ke yahan bhej ker khud ladies club ya party kerne chali jati hain...kuchh galat hone per naseeb to hai hi dosh dene ke liye!

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  2. इस विषय पर काफी जिम्मेदारियां माता पिता की भी है | उनको अपने बच्चे का पूरा ख्याल और उसकी जिम्मेदारी को बखूबी निभाना चाहिए, नहीं तो बच्चे अकेलेपन के कारन काफी दूर निकल जाते है, एक ऐसे सहारे की खोज में जहां उनकी बातों को कोई ध्यान से सुनता हो | और इसी के साथ कुछ गलत लोग ऐसी नापाक हरकतों को अंजाम दिया करते है और गलत फायदा उठा लेते है | |

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