Monday, January 17, 2011

ब्लॉगिंग करना आसान नहीं .

दोस्तों आज मैं आपसे एक गंभीर विषय या कहे समस्या पर बात करने जा रही हूँ जो मेरे जैसे नए नए चिट्ठाकारो के सामने पोस्ट लिखते समय आती है ......यह कुछ इस प्रकार है :
  1. कोई विषय न मिलना  (Blogger’ block) : कभी कभी ऐसा होता है कि आप चिठ्ठाकारी करते करते उब जाते हैं और आप को कोई नया विषय ही नहीं सूझता जिस पर आप लिख सकें। यह ब्लॉगिंग की सबसे बड़ी समस्या है जिसको लेकर बहुत कुछ लिखा गया है।
  2. आपके विषय पर किसी और का लिखा जाना : यह तब होता है जब आप किसी विषय पर लिखने की सोच रहे होते है पता चलता है कि किसी अन्य चिठ्ठाकार ने उसी विषय पर बहुत ही अच्छा लिख मारा है तो आप का सारा उत्साह काफूर हो जाता है।
  3. कॉलेज में लोगो द्वारा निगाह रखना  :  जो लोग अपने कॉलेज से छिप कर ब्लाग लिखते हैं उनको ये परेशानी रहती है किसी  को पता न चल जाय या फिर कोई देख न ले या फिर किसी दिन कुछ अच्छा लिखने का मन है, विषय भी तैयार है पर उसी दिन कॉलेज से काम ज्यादा मिल जाता है 
  4. बिजली का जाना :  आप ब्लॉगिंग के लिये तैयार हैं, धांसू सा विषय भी सोच लिया लेकिन जैसे ही कंप्यूटर ऑन किया कि बिजली चली गई। दिल्ली, मंबई की बात अलग है, बाकी देश में कोई गारंटी नहीं है कि कब बिजली आयेगी।
  5. इंटरनेट कनेक्शन डाउन होना : आप ने सब कुछ कर लिया। विषय चुन लिया, उस पर मैटर टाईप भी  कर लिया कर लिया, और जैसे ही पोस्ट करने बैठे कि पता चला इंटरनेट कनेक्शन डाउन हो गया और मेरे साथ तो ये समस्या कुछ ज्यादा ही है आखिर MTNL कनेक्शन जो है और एक बार तो मेरे नेट का बिल ८००० तक पंहुच गया था लेकिन इसकी कहानी फिर कभी बताउंगी......
  6.  कमाई न होना  :  ऐसा हिन्दी व अन्य भाषाओं के चिठ्ठाकारों के साथ ज्यादा होता है। अपने ब्लॉग से किसी भी प्रकार की कोई कमाई न होने से भी चिठ्ठाकार का उत्साह खत्म  हो जाता है और वो ब्लॉगिंग छोड़ देता है। 
  7. टिप्पणी न मिलना :  ये समस्या हिन्दी ब्लॉगिंग में कुछ ज्यादा है , यहां अगर किसी ब्लॉगर को प्रशंसा वाली टिप्पणियां न मिले तो उसको लगता है कि उसके लेखन को किसी ने देखा ही नहीं और वो ब्लॉगिंग के प्रति निराश हो जाता है। इसलिए कृपया मेरे लेख पर समय समय पर टिप्पणी  करते रहें
  8. कृपया मेरे ब्लॉग के नाम जैसा नाम न रखे : दोस्तों ये बहुत  गंभीर समस्या है ...मेरी कक्षा में हर दूसरा इंसान दिल्ली नाम से ब्लॉग बना रहा है अब मैं इसका कारण क्या बताऊँ ....मेरी पढ़ाई  का एक विषय ब्लॉग भी है ...एक दिन बातो बातो में मेरे अध्यापक ने मेरे ब्लॉग का उदहारण दे दिया मनो उस दिन के बाद तो मेरी कक्षा में दिल्ली नाम की लहर दोड़ गयी...  हर कोई अपने ब्लॉग का नाम करण दिल्ली जोड़ कर करने लगा ......एक बार तो मेरा मन किया की अपने ब्लॉग dillidhadkan की धड़कने ही रोक दू और अपने ब्लॉग का नाम बदल दूं फिर सोचा छड़ो यार..... बड़े बड़े देशो में छोटी छोटी बाते होती रहती है .........
 ब्लॉगिंग में और भी तमाम तरह का परेशानियां आती रहती हैं। लेकिन उत्साही चिठ्ठाकार फिर भी ब्लॉगिंग करते रहते हैं बिलकुल मेरे जैसे ......

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